अगर आप वैष्णो देवी जा रहे हो तो इन बातों का ध्यान रखें

श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा पर जाते वक्त किस बातों का ध्यान रखना चाहिए


वैष्णो देवी यात्रा
वैष्णो देवी

सर्वप्रथम वैष्णो देवी की यात्रा पर किस महीने में जाना उचित होगा वैसे तो माता वैष्णो देवी की यात्रा साल भर रहती है भक्तजन माता रानी के दर्शन के लिए बहुत ही आतुर रहते हैं

हमारे हिसाब से मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने के लिए सबसे योग्य वक्त अक्टूबर से लेकर की मई महीने तक होता है क्योंकि उसके बाद बरसात का मौसम लग जाता है अब बरसात में भक्तजनों को खूब दिक्कत का सामना उठाना पड़ सकता है क्योंकि माता रानी का भवन त्रिकूट पर्वत पर है यह सब लोगों को पता है

वहां पर जाते वक्त बरसात के मौसम में लैंडलाइन जैसे दिक्कत का सामना करना पड़ता है अगर आप लोग अक्टूबर से लेकर जनवरी या फरवरी तक अगर आप यात्रा पर जाते हैं तो आप लोगों के लिए यह बहुत सुनहरा अवसर होगा क्योंकि इस वक्त आप लोगों को स्नोफॉल वगैरह भी देखने को मिल सकती है और ठंडी के मौसम में आप लोगों को माता रानी के भवन तक जाने के लिए पैदल चलना पड़ता है ठंडी के मौसम में थकावट कम होगी और वैसे भी कहा जाता है कि माता रानी की प्राचीन गुफा 15 जनवरी के आसपास खोली जाती है

जिसके दर्शन नसीब वालों को ही मिलते हैं वैसे तो श्री माता वैष्णो देवी साइन बोर्ड ने एक कुत्रीम गुफा बनाई गई है इस गुफा से साल भर दर्शन किए जाते हैं मगर प्राचीन गुफा साल में 15 जनवरी के बाद कुछ दिनों के लिए खोली जाती है या फिर श्री माता वैष्णो देवी साइन बोर्ड की जानकारी के हिसाब से जब भी वहां पर 10000 से कम लोग दर्शन के लिए आते हैं उस वक्त इस गुफा का द्वार खोला जाता है

अगर आप लोग जनवरी महीने में जा सकते हैं तो इस प्राचीन गुफा के दर्शन का आप लोग भी लाभ उठा सकते हैं

मगर ठंडी के वक्त इस यात्रा पर जाते वक्त आप लोग अपनी सेहत का ख्याल रखें और अपने गर्म कपड़े और दवाई साथ ले जाए सबसे पहले आपका  रेलवे का रिजर्वेशन टिकट कंफर्म होना चाहिए 

और श्री माता वैष्णो देवी रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद आप लोगों को आपका  होटल में रूम  एडवांस बुकिंग  या फिर वहां पर जाकर भी बुक कर सकते हैं  यह करना बहुत ही जरूरी है और उसके बाद  जब आप लोगों को माता रानी के दर्शन के लिए  भवन की ओर प्रस्थान करना हो उससे 6 घंटे पहले  यात्रा का  रजिस्ट्रेशन  या फिर पंजीकरण  करवाना अनिवार्य है

 और उसके लिए  आप लोगों को आप का पहचान पत्र  दिखाना  अनिवार्य है  यह पंजीकरण या फिर रजिस्ट्रेशन कटरा में  बस स्टैंड के नजदीक  आपको मिल जाएगा या फिर  आप लोग श्री माता वैष्णो देवी रेलवे स्टेशन पर  स्थित काउंटर से भी  यात्रा परची का  रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं  दूसरी बात वैष्णो देवी में कम से कम आप लोग 3 दिन के लिए होटल एडवांस में बुक कर ले वहां पर आप लोगों की जरूरत अनुसार छोटे बड़े बहुत से होटल और धर्मशाला उचित दरों पर मिल जाएंगे

दर्शन के लिए चढ़ाई किस वक्त शुरू करें

दर्शन के लिए चढ़ाई शुरू करने का सबसे उचित समय आप लोग सवेरे 7:00 बजे तक अपने होटल से माता रानी के दर्शन के लिए निकल कर चढ़ाई शुरू कर सकते हैं कुछ लोग रात में चढ़ाई करना पसंद करती है दोस्तों ठंडी के मौसम में रात के वक्त चढ़ाई करने में बहुत तकलीफ होती है आप लोगों को ठंड का सामना करना पड़ सकता है

क्योंकि वहां पर जैसे-जैसे आप लोग ऊपर की ओर जाओगे ठंड बढ़ती जाएगी क्योंकि माता रानी का भवन कटरा से लगभग 5500से 6000 फीट ऊपर है इसलिए मैं आप लोगों से विनती करता हूं कि आप लोग हो सके तो सवेरे चढ़ाई शुरू करें  आप लोग अगर सवेरे चढ़ाई करना शुरू करते हैं तो मेरे हिसाब से दोपहर के 1:00 या 2:00 बजे तक आप माता रानी के भवन पर होगी और आप लोगों के दर्शन हो चुके होगे उसके बाद आप लोगों को कुछ चाय नाश्ता करके भैरव बाबा के दर्शन के लिए जाना होगा क्योंकि भैरव बाबा के दर्शन किए बिना आप लोगों की यात्रा संपूर्णा नहीं होगी

क्योंकि माता रानी ने ही भैरव को आशीर्वाद दिया था कि जो भी भक्तजन माता के दर्शन के पश्चात भैरव के दर्शन करने के बाद ही मां वैष्णो देवी की यात्रा पूरी होगी

अगर आप लोग थके नहीं हो तो उसी वक्त भैरव बाबा के दर्शन करने के पश्चात नीचे कटरा के लिए प्रस्थान कर सकते हैं या रात भर माता के भवन पर हर सकते हैं जहां पर आपको फ्री में रहने की व्यवस्था श्री माता वैष्णो देवी साइन बोर्ड की तरफ से की गई है वहां पर आपको कंबल फ्री में मिल जाएंगे

अगर आप लोग उसी दिन नीचे आना पसंद करते हैं तो तो मेरे हिसाब से आप लोग करीबन रात के 10:00 बजे तक नीचे आ सकते हैं और रात भर अपने होटल में आराम कर सकते हैं और दूसरे दिन उठकर वहां से 100 किलोमीटर दूर पटनीटॉप जो कि एक हिल स्टेशन है वहां पर ऐसे मौसम में स्नोफॉल का मजा लेने के लिए और बर्फ में खेलने के लिए जा सकती है

या फिर कटरा 90 किलोमीटर दूर भोलेनाथ के मंदिर शिवखोड़ी जा सकते हैं जोकि दूसरा अमरनाथ के नाम से जाना जाता है या फिर 1 दिन पटनीटॉप में और दूसरा दिन शिवखोड़ी में दे सकते हैं इसी हिसाब से मैंने आप लोगों को कटरा में तीन से चार दिन करने का सुझाव दिया था

आशा करता हूं कि आप लोगों को माता रानी के दर्शन हो और आप लोगों की यात्रा सफल हो अगर आप लोगों के कुछ प्रश्न रह जाते हैं तो आप लोग हमें कमेंट कर सकते हैं या मेल कर सकते हैं हम आप लोगों को इसी तरह अधिक से अधिक जानकारी देने का प्रयास निरंतर करते रहेंगे तब तक के लिए जय हिंद जय भारत

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