आखिर 2020 में कब तक खुली रहेगी माता की प्राचीन गुफा

 आखिर 2020 में कब तक खुली रहेगी माता रानी की प्राचीन गुफाकब खुलती है प्राचीन गुफा कब खुलती है प्राचीन गुफा

जय माता दी क्या आप जानते हैं आखिर 2020 में कब तक खुली रहने वाली है माता रानी की प्राचीन गुफा आप लोगों को पता ही होगा कि इस वर्ष 2020 में जनवरी महीने में मकर संक्रांति के दिन प्राचीन गुफा के द्वार खुले गए और पूजा आरती करने के बाद उन्हें बंद कर दिया गया बाद में बर्फबारी के बढ़ते ही प्राचीन गुफा के द्वार भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिए गए

किस तारीख को बंद होगी माता रानी की प्राचीन गुफा

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की तरफ से एक न्यूज़ निकल कर आई है कि इस वर्ष 2020 में बहुत जोरों से बर्फबारी हुई है उसके चलते प्राचीन गुफा के द्वार भक्तों के दर्शन के लिए खोले गए वैसे तो यह गुफा 15 फरवरी तक बंद होनी थी मगर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अनुसार यह गुफा 15 मार्च से लेकर की 15 मार्च से लेकर 20 मार्च 2020 तक खुले रहने की आशंका जताई जा रही है
यह माता रानी के सभी भक्तों के लिए एक गुड न्यूज़ है अगर आप लोग 15 मार्च से पहले श्री माता वैष्णो देवी माता रानी के दर्शन के लिए जा सकते हैं तो यह आपके लिए एक भाग्यशाली मौका हो सकता है जिसमें आप लोगों को बर्फबारी का आनंद और माता रानी की प्राचीन गुफा का लाभ मिल सकता है

अगर आप लोग प्राचीन गुफा के दर्शन के लिए जाना चाहते हैं तो आप लोगों के लिए एक जरूरी सूचना इसे जरूर पढ़ें

नंबर 1

अगर आप लोग माता रानी के दर्शन के लिए और प्राचीन गुफा के दर्शन किए लिया से श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा पर जाने का निर्णय कर रहे हैं तो आप लोगों को कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है जो कि सबसे पहले आप लोगों का रिजर्वेशन का टिकट कंफर्म होना चाहिए नहीं तो आप लोगों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है
नंबर 2
यात्रा के लिए त्रिकूट पर्वत पर चढ़ाई कब शुरू करें
वैष्णो देवी

यात्रा शुरू करते वक्त आप लोगों को एक बात का ध्यान जरूर रखना है कि यात्रा किस वक्त शुरू की जाए यात्रा शुरू करने का सबसे सही समय दिन के वक्त है रात के वक्त आप लोग चढ़ाई के लिए शुरुआत ना करें अगर आप लोगों के साथ छोटे बच्चे या बुजुर्ग लोग हैं तो कतई भी रात के वक्त चढ़ाई शुरू ना करें इससे आप लोगों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है जैसे कि रात के वक्त ठंडी के मौसम में आप लोगों को पता ही होगा कि वहां का तापमान माइनस डिग्री में चला जाता है और भवन पर या अर्धक्वांरी पर रहने के लिए आप लोगों को होटल रूम और कंबल भी नहीं मिल सकते हैं अगर आप लोगों ने ऑनलाइन रूम या बेड बुक कर रखा है तो कोई बात नहीं फिर भी रात के वक्त चढ़ाई शुरू करने का सही समय नहीं है

आखिर कब करें दर्शन के लिए चढ़ाई शुरू

वैष्णो देवी भवन जाने का मार्ग वैष्णो देवी भवन जाने का मार्ग

दर्शन के लिए चढ़ाई शुरू करने का सबसे सही वक्त दोस्तों दिन का होता है आप लोग हो सके तो सुबह जल्दी उठकर 7:00 बजे के आसपास माता रानी के भवन के लिए चढ़ाई शुरू कर दीजिए भवन तक पहुंचने में आप लोगों को लगभग 5 से 6 घंटे का वक्त लगेगा जैसे कि आप दोपहर को 12:01 बजे के आसपास माता रानी के भवन पर पहुंच जाओगे और उससे पहले आपको अर्ध कुंवारी पहुंचना है और वहां पर जाकर आपको अपनी यात्रा पर्ची दिखाकर माता अर्धकुमारी की गुफा के दर्शन के लिए टोकन नंबर ले लेना है टोकन नंबर लेने के बाद आपका टोकन नंबर जिस भी ग्रुप में होगा उसका नंबर आते-आते कम से कम चार 5 घंटे तो लग ही जाएगी तब तक आप लोग माता रानी के भवन के दर्शन कर कर वापस अर्धक्वांरी आ सकते हैं इसलिए आप लोग टोकन नंबर लेकर माता रानी के भवन के लिए यात्रा आरंभ करें और माता रानी के भवन पर अगर आप लोग 1:02 बजे तक भी पहुंच गए वहां पर 1 घंटे में आप लोग दर्शन कर कर और वहां से भैरव घाटी पहुंचकर बाबा भैरव के दर्शन कर कर आराम से शाम को 5:00 बजे तक 4:05 बजे तक अर्धक्वांरी पहुंच सकते हैं क्योंकि भैरव बाबा के दर्शन के लिए अब रुपये सेवा शुरू हो चुकी है जिससे आप लोग भैरव बाबा के दर्शन काफी कमी कम समय में पूरे कर सकते हैं

अर्धकुमारी गुफा के दर्शन कैसे करें

अर्धकुमारी गुफा

आप लोग अगर भैरव बाबा के दर्शन कर कर शाम को 4:00 बजे तक अगर अर्ध कुंवारी तक आ जाते हैं तो हो सके तो आपका नंबर आ चुका होगा आपका टोकन नंबर वहां पर स्थित कर्मचारी को दिखाइए और दर्शन की लाइन में लग जाइए वहां से दर्शन करने को आपको 1 से 2 घंटे लग जाएंगे दर्शन करने के बाद आप लोग चाहे तो अगर रात हो गई है तो वहां पर कई होटल है खाना खाकर श्री माता वैष्णो देवी के यात्री निवास जोकि फ्री में रहते हैं शारदा भवन उसका नाम है वहां पर रह सकते हैं और वहां पर आपको फ्री में कंबल में मिलेंगे एक बात का ध्यान और रखना है आपको आरती के वक्त दर्शन की लाइन में नहीं लगना है क्योंकि आरती कम से कम 3 घंटे चलती है और उसमें किसी को जो लोग अंदर चले गए उसके बाद किसी को अंदर आने की अनुमति नहीं होती है ना ही ना ही बाहर जाने की अनुमति होती है
दर्शन के लिए जाते वक्त आप लोगों को साथ में कुछ भी नहीं ले जाना है मोबाइल पर्स बेल्ट शूज कुछ भी नहीं शारदा भवन के पासी श्री माता वैष्णो देवी का लॉकर काउंटर होगा वहां पर फ्री में लॉकर मिलता है लॉकर की चाबी लेकर आप अपने सभी सामान को वहां पर रख सकते हैं
और बहुत ही आसानी से माता रानी की इस प्राचीन गुफा के दर्शन कर सकते हैं और दर्शन करने के बाद आप लोग चाहे तो रात भर वहां पर शारदा भवन में रुक कर आराम कर सकते हैं या फिर नीचे कटरा के लिए उतर सकते हैं जो कि आप रात के 10:00 या 11:00 बजे तक अपने होटल तक पहुंच जाओगे और इस प्रकार आप लोगों की यात्रा संपूर्ण हो जाएगी यह जानकारी आप लोगों तक पहुंचाना जय मल्हार टूर्स एंड मैनेजमेंट का उद्देश्य अगर आप लोगों को यह न्यूज़ अच्छी लगे तो हमारे पेज को लाइक कीजिए और और हमारे पेज को फॉलो कीजिए जय हिंद दोस्तों

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