हरिद्वार कैसे जाएं

हरिद्वार कैसे जाए संपूर्ण जानकारी


हर की पौड़ी
हरिद्वार हर की पौड़ी
हरिद्वार हमारे भारत देश के तीर्थ स्थलों में से एक सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है जो कि उत्तराखंड राज्य के अंतर्गत आता है यहां पर जाने के लिए आप किसी भी मार्ग से जा सकते हैं

हवाई यात्रा रेल यात्रा या फिर बस यात्रा अगर आप लोग हवाई यात्रा का उपयोग करते हैं तो आप लोगों को देहरादून एयरपोर्ट आना होगा वहां से आप को बस या टैक्सी या फिर ट्रेन आसानी से मिल जाएगी देहरादून से हरिद्वार की दूरी मात्र 53 किलोमीटर है और वहां से आप लोगों को बस टैक्सी आदि सुविधा मिल जाएगी अगर आप ट्रेन से आना चाहते हैं देश के प्रत्येक राज्य से हरिद्वार के लिए या देहरादून के लिए डायरेक्ट ट्रेनें चलती है आप आसानी से हरिद्वार तक आ सकते हैं

या फिर दिल्ली से जो कि भारत की राजधानी है आप लोगों को हरिद्वार के लिए ट्रेन सेवा बस सेवा टैक्सी सेवा आदि सुविधाएं आसानी से मिल जाएंगे अगर आप देश के बाहर से आ रहे हैं तो दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आपके लिए सबसे अच्छा चुनाव होगा
आप लोगों को हरिद्वार और वहां से स्थित 26 किलोमीटर की दूरी पर ऋषिकेश की यात्रा भी कर सकते हैं इस यात्रा में आप लोगों को 2 से 3 दिन का समय लग सकता है इसलिए आप लोग हो सके तो 2 से 3 दिन की हिसाब से हरिद्वार ऋषिकेश यात्रा की योजना बनाएं

और उसके हिसाब से आपके 2 दिन के लिए होटल ऑनलाइन बुक कर ले या फिर वहां पर सस्ती पैसों में धर्मशाला भी मिल जाती है जोकि ₹300 से शुरू होती है आप लोग अपने बजट अनुसार वहां पर रहने के लिए रूम होटल धर्मशाला वगैरह का चयन कर सकते हैं अगर आप लोगों का बजट अच्छा है तो मैं आप लोगों को सजेस्ट करूंगा कि हरिद्वार में स्थित निश कर्म धर्मशाला को विजिट दे जो कि बहुत ही सुंदर है और किसी फाइव स्टार होटल से कम नहीं वहां पर आप लोगों को ₹750 से लेकर की डीलक्स एसी रूम मिल जाएगी और उसी ₹750 में आप लोगों को उस धर्मशाला की तरफ से पोस्ट फैसिलिटी मिलेगी जिसमें आप लोगों को एक वक्त का चाय लांच डिनर और ब्रेकफास्ट भी मिलने वाला है जो कि बहुत ही बढ़िया सुविधा है
लंच
खाना


हरिद्वार के महत्वपूर्ण स्थल


हरिद्वार के महत्वपूर्ण स्थलों में पहले नंबर पर आता है हरिद्वार का सबसे सुंदर गंगा घाट हर की पौड़ी जहां पर रोज सुबह 6:00 और शाम 6:00 बजे भव्य गंगा आरती की जाती है जो कि वहां पर आने वाले सभी परिजनों के लिए एक बहुत ही सुंदर नजारा और लाइफटाइम एक्सपीरियंस हो सकता है
हर की पौड़ी का महत्व इस प्रकार है कि कहा जाता है कि जब आज से हजारों वर्ष पूर्व देवता और राक्षसों के बीच समुद्र मंथन हुआ था उस समुद्र मंथन से जो अमृत निकला था अमृत को राक्षसों से बचाते वक्त भागा दौरे के कारण उसकी कुछ बूंदे हरिद्वार के गंगा नदी में इसी हर की पौड़ी स्थान पर गिरी थी इसीलिए यहां पर 12 वर्ष में एक बार कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है जोकि विश्व प्रसिद्ध है कुंभ मेला भारत में सिर्फ चार जगह पर लगता है जिसमें एक हरिद्वार की हरकी पौड़ी दूसरे नंबर पर काशी विश्वनाथ वाराणसी तीसरे नंबर पर उज्जैन महाकालेश्वर और चौथे नंबर पर नाशिक त्रंबकेश्वर इंचार्ज को पर कुंभ मेला लगता है इनमें से एक ठिकान हरिद्वार का हर की पौड़ी अगर आप लोग हरिद्वार जा रहे हैं तो वहां पर गंगा स्नान जरूर करें जोगी बहुत ही महत्वपूर्ण है जिस गंगा के पवित्र स्नान से लोगों के सारे पाप धूल जाते हैं ऐसा कहा जाता है की और मोक्ष की प्राप्ति होती है


हर की पौड़ी
गंगा स्नान


अगर आप लोग चाहे तो गंगा स्नान करने के बाद गंगा घाट पर ही आप लोग किसी प्रकार के पूजा करना चाहते हो तो वहां पर स्थित कई सारे पंडित आप लोगों को मिल जाएंगे आप लोग आपके हिसाब से पूजा अर्चना कर सकते हैं

हरिद्वार का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण स्थान
हरिद्वार में दूसरा सबसे महत्वपूर्ण स्थान माता चंडी देवी मंदिर है जो की पहाड़ी पर स्थित है जिसे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए चले आते हैं यह भारत के एक अकाउंट शक्तिपीठों में से 1 शक्तिपीठ माना जाता है कहा जाता है कि यहां पर माता सती का सर गिरा था इसीलिए इसे मनसा देवी भी कहा जाता है मनसा देवी जाने के लिए आपको रोपवे सेवा उपलब्ध कराई गई है
मनसा देवी रोप वे, हरिद्वार रोपवे
हरिद्वार रोपवे


तीसरा महत्वपूर्ण स्थल जोगी चंडी देवी के नाम से जाना जाता है चंडी देवी मंदिर मनसा देवी मंदिर से मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर है वहां पर भी मां मनसा देवी की तरह ही रोपवे सेवा का उपयोग आप कर सकते हैं उस रुपए सेवा की टिकट अप मनसा देवी रोपवे टिकट काउंटर से ही दोनों जगह की टिकट कम पैसों में ले सकते हैं जिसकी टिकट ₹315 प्रति व्यक्ति होती है जोकि मनसा देवी और चंडी देवी दोनों मंदिर के लिए उपयोग में आती है और इन मंदिर की संस्थान की गाड़ी आप लोगों को मनसा देवी मंदिर से चंडी देवी मंदिर तक लेकर जाएगी और वापस भी लेकर आएगी यह ₹315 देने के बाद मंदिर की तरफ से फ्री सेवा है जिसका आप लाभ ले सकते हैं
माता मनसा देवी मंदिर के नजदीक है 500 मीटर की दूरी पर माता माया देवी का मंदिर है जो की बहुत ही प्राचीन मंदिर है इसके भी दर्शन करना जरूरी है

कनखल राजा दक्ष मंदिर

कनखल मंदिर हरिद्वार के हर की पौड़ी से 5 किलोमीटर की दूरी पर है कनखल वही स्थान है जोकि भगवान शंकर जी या फिर भोलेनाथ जो भी आप लोग मानते हो उनका ससुराल कहलाता है माता सती के पिता का गांव जिसे कनखल कहते हैं जोU कि राजा दक्ष के नगरी के नाम से भी जाना जाता है
क्या पर राजा दक्ष का एक भव्य मंदिर है और यहां पर आपको रुद्राक्ष का पेड़ भी देखने को मिलेगा
वैसे तो हरिद्वार में छोटे बड़े कई मंदिर है जैसे कि लाल माता मंदिर भारत माता मंदिर पारस वाला ज्योतिर्लिंग मंदिर राम मंदिर छोटे बड़े ऐसे से को मंदिर आप लोगों को हरिद्वार नगरी में देखने को मिलेंगे मगर यहां पर सबसे बड़ा महत्व गंगा नदी हर की पौड़ी का है और जो रोज यहां पर गंगा आरती होती है उस गंगा आरती का सबसे बड़ा महत्व है यहां पर आप लोगों को अनेक प्रकार के साधु महात्मा देखने को मिल सकते है

हरिद्वार की इन सभी जगह पर जरूर जाए

सबसे पहले आप लोगों को हरिद्वार आने पर अपना होटल या धर्मशाला में रहने के लिए रूम बुक कर लेना है उसके बाद फ्रेश होकर अपने कुछ कपड़े लेकर हर की पौड़ी घाट पर गंगा स्नान के लिए सवेरे ही चले जाना है वहां से आप गंगा स्नान करने के बाद वापस होटल पर आ कर चाय नाश्ता वगैरह कर कर माता मनसा देवी के दर्शन के लिए जा सकते हैं माता मनसा देवी दर्शन करने के बाद वहां से ही आप माता चंडी देवी के दर्शन के लिए जा सकते हैं माता चंडी देवी के दर्शन करते ही वापस गाड़ी वाला आपको माता मनसा देवी के मंदिर के पास छोड़ देगा वहां से आधा किलोमीटर की दूरी पर आपको माया देवी मंदिर का दर्शन कर लेना है इतना होने के बाद दिन ढल चुका होगा और शाम हो चुकी होगी शाम के 6:00 बजे से पहले 5:00 बजे तक आपको हर की पौड़ी घाट पर गंगा आरती देखने के लिए हाजिर होना होगा और वहां पर बैठने के लिए अपनी जगह ले लेनी होगी जोगी टाइम पर जाने के बाद जगा मिलना मुश्किल हो सकता है और आपको खड़े रहना पड़ेगा गंगा आरती का आश्चर्यजनक नजर देखकर आप लोग तो हो जाओगे गंगा आरती का लाभ लेने के बाद आप लोग वापस अपने होटल पर चली जाइए रात हो चुकी होगी रात को खाना खाकर आराम कर लीजिए उसके बाद आप दूसरे दिन सुबह रे टैक्सी या प्राइवेट गाड़ी है सरकारी बस के माध्यम से वहां से नजदीक 26 किलोमीटर की दूरी पर ऋषिकेश जा सकते जहां पर आप ऋषिकेश में गंगा नदी दर्शन राम झूला दर्शन लक्ष्मण झूला दर्शन आदि जगहों पर आसानी से घूम कर वापस हरिद्वार में छोटे बड़े कई मंदिरों को आसानी से देख सकते हैं इन 2 दिनों में आपकी हरिद्वार और ऋषिकेश यात्रा पूरी हो सकती है चाहे तो अब तीसरा दिन भी रुक कर आराम से और बचे हुए कई स्थानों को घूम सकते हैं
 जिम कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान राजाजी नेशनल पार्क ऐसी आदि जगह पर जाकर आप लोग जंगल सफारी का आनंद ले सकती है और ऋषिकेश में जाकर रेप्टिन भी कर सकती है एडवेंचर गेम का भी आनंद ले सकते हैं यह सभी सुविधाएं आप लोगों को उत्तराखंड के इस हरिद्वार में आसानी से मिल जाएंगी
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