सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर की रोचक जानकारी और कथा

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की रोचक जानकारी

सोमनाथ टेंपल
सोमनाथ मंदिर


हमारे इस पृथ्वी तल पर कुल 12 ज्योतिर्लिंगों का निर्माण किया गया है जिस जगह पर शंकर भगवान स्वयं पधारे उन जगहों पर ज्योतिर्लिंग का निर्माण किया गया है इन ज्योतिर्लिंगों में से पहला ज्योतिर्लिंग जो कि सोमनाथ के नाम से प्रसिद्ध है और यह ज्योतिर्लिंग हमारे भारत देश का ही नहीं बल्कि संपूर्ण पृथ्वी का पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है

 यह ज्योतिर्लिंग गुजरात राज्य के सौराष्ट्र में स्थित है शिव पुराण के अनुसार माना जाता है कि एक बार प्रजापति दक्ष ने चंद्रदेव को क्षय रोग का श्राप दिया था उस श्राप से मुक्ति पाने के लिए चंद्र देव ने भगवान शिव की तपस्या की और इसी जगह पर भगवान शिव ने चंद्र देव को साक्षात दर्शन दिए और चंद्र देव ने भगवान शिव से यहीं पर स्थापित होने की विनंती की और भगवान शिव उनकी बात मान कर सोमनाथ में स्थापित हो गए और कहा जाता है कि चंद्र देव न के कारण ही सोमनाथ मंदिर की स्थापना हुई ऐसे ही  किसी कारणवश जहां-जहां शंकर भगवान जहां जहां स्वयं प्रकट हुए है उन जगहों पर ज्योतिर्लिंग की स्थापना की गई ऐसे हमारे भारत देश में कुल 12 ज्योतिर्लिंग है मान्यता है कि जो भी व्यक्ति इन 12 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा पूर्ण कर लेता है और इन 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर लेता उसे जीवन में किसी भी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ता है और उसका जीवन सुख ऐश्वर्य से संपूर्ण रहता है और मृत्यु के बाद उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है इसीलिए हम आप लोगों को हमारे देश के संपूर्ण 12 ज्योतिर्लिंगों की जानकारी हमारे ब्लॉग पेज के माध्यम से देने का प्रयास करेंगे

इसके बाद के कुल 11 ज्योतिर्लिंगों की जानकारी हम आपको हमारे इस ब्लॉकपेज के माध्यम से आने वाले आनेवाली ब्लॉग में देंगे उन जानकारियों को हासिल करने के लिए आप लोग हमारे वेबसाइट पर जाकर ब्लू कलर के बटन को प्रेस कर कर हमें फॉलो करें

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग

Somnath jyotirling
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग


सोमनाथ ज्योतिर्लिंग यह हमारे भारत देश के गुजरात राज्य के प्रवाल बंदरगाह के समीप अरब सागर के तट पर स्थित है माना जाता है कि यह मंदिर इतना पुराना है कि जितनी यह सृष्टि इस मंदिर का निर्माण प्राचीन नागर शैली में किया गया है


सोमनाथ मंदिर
भोलेनाथ



यह मंदिर हमारे देश में सबसे धनी मंदिरों में से एक माना जाता था इसी के कारण वश इसका आकर्षण देश विदेशों तक फैला हुआ था इसी कारणवश इस मंदिर को लूटने के लिए इस मंदिर पर कई आक्रमण किए गए 11 वीं सदी से लेकर के स्वतंत्रता तक इसे कई बार लूटा गया और क्षति पहुंचाई गई इस मंदिर को सर्वप्रथम गजनी साम्राज्य के सम्राट मोहम्मद गजनी ने सर्वप्रथम 1024 ईस्वी सन् में 50000 सैनिकों के माध्यम से इसे लूटा और इसे क्षति पहुंचाई गई और इसके बाद अलाउद्दीन खिलजी और औरंगजेब ने भी इसे लूटा और इसे क्षति पहुंचाई गई राजा भीमदेव कुमारपाल ने इस मंदिर का पुनर्निर्माण कराया इस वक्त जो मंदिर खड़ा है उसका निर्माण सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा किया गया था इस मंदिर को हमारे देश के तत्कालीन राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने 1 दिसंबर 1995 को राष्ट्र को समर्पित किया

इस मंदिर की ऊंचाई 155 फीट है और इस मंदिर का सभागृह मंडप और नृत्य मंडप 33 मंजिलों का है इस मंदिर की तीसरी मंजिल की छत पर 1000 छोटी-छोटी कलश आकृति बनाई गई है जो कि बहुत ही आश्चर्य नजारा है और देखने में बहुत ही सुंदर लगता है
इसके गर्भ ग्रह के कलश का वजन 10 टन है और इस मंदिर में कुल 72 स्तंभों की स्थापना की गई है यह मंदिर 72 स्तंभों पर खड़ा है ऐसा भी कहा जाता है जो कि बहुत ही सुंदर नजारा है और यह आने वाले सभी पर्यटकों को आकर्षित करता है इस मंदिर को देखने के लिए और भोले बाबा के दर्शन के लिए देश विदेश से दूर दूर से लोग खींचे चले आते हैं जो कि यह हमारे भारत का 12 ज्योतिर्लिंगों में से पहला एकमात्र ज्योतिर्लिंग है

इस मंदिर के समीप से 3 नदियां बहती है जिनका नाम हिरण का पीला सरस्वती है इन तीनों नदियों का संगम बहुत ही महत्वपूर्ण है भक्तजन इन नदियों में स्नान करने के पश्चात शुद्ध होकर शंकर भगवान के दर्शन के लिए मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश करते हैं यह मंदिर पित्र गन नारायण महाबली की पूजा के लिए प्रसिद्ध है मंदिर में तीन वक्त आरती की जाती है जैसे सुबह 6:00 बजे दोपहर को 12:00 बजे और रात्रि को 9:00 बजे इस प्रकार प्रतिदिन तीन बार आरती की जाती है यह मंदिर सुबह 6:00 बजे से रात के 9:00 बजे तक खुला रहता है



सोमनाथ कैसे जाए संपूर्ण में जानकारी

इंडियन रेलवे
इंडियन रेलवे



तो चलिए जानते हैं आखिर सोमनाथ कैसे जाया जाए जो कि हमारे भारत देश का और संपूर्ण पृथ्वी का 12 ज्योतिर्लिंगों में से पहला ज्योतिर्लिंग धाम के नाम से जाना जाता है सोमनाथ जाने के लिए आप लोगों को कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है सोमनाथ जाते वक्त आप लोग बिगर प्लानिंग के ना जाए अगर आप लोग बिगर प्लानिंग की जाते हैं तो आप लोगों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है सोमनाथ जाने से पहले आप लोगों का आने जाने का रेलवे का रिजर्वेशन टिकट कंफर्म होना चाहिए दूसरी बात आप लोगों को सोमनाथ ने कम से कम एक रात रुकना है तभी जाकर आप लोग संपूर्ण सोमनाथ दर्शन का और उसका आनंद ले सकेंगे इसके लिए आपको ऑनलाइन होटल या सोमनाथ संस्थान की रूम बुक करनी होगी

सोमनाथ जाने के लिए अगर आप लोगों को आपके शहर से डायरेक्ट ट्रेन मिलती है तो अच्छी बात है वरना सोमनाथ के नजदीकी रेलवे स्टेशन जो कि सोमनाथ से 7 किलोमीटर की दूरी पर है वेरावल रेलवे जंक्शन के नाम से प्रसिद्ध है यहां पर हर शहर से रोजाना कई ट्रेनें आती है अगर वेरावल के लिए भी अगर आप किसी और से ट्रेन नहीं मिलती है तो आप अहमदाबाद रेलवे स्टेशन आ सकते हैं अहमदाबाद के लिए हमारे देश के प्रत्येक राज्य से और शहरों से ट्रेन चलती है अहमदाबाद से सोमनाथ की दूरी 264 किलोमीटर है अहमदाबाद से आपको सोमनाथ के लिए आसानी से ट्रेन या बस सेवा मिल जाएगी

अगर आप लोग चाहे तो सोमनाथ में सोमनाथ मंदिर संस्थान द्वारा स्थित ट्रस्ट के रूम भी बुक कर सकते हैं
जिसका नॉन एसी का रेट ₹750 और एसी का ₹11000 रुपए है सोमनाथ में और भी कई आपको प्राइवेट होटल मिल जाएंगे जहां पर आपको आसानी से रूम मिल जाएगी सोमनाथ पहुंचते  ही आप अपने होटल चले जाइए वहां पर फ्रेश हो जाइए अगर आप रात को पहुंचते हैं तो रात भर आराम कर लीजिए और सुबह फ्रेश होकर भोले बाबा सोमनाथ जी के दर्शन के लिए चले जाइए सोमनाथ ज्योतिर्लिंग भोले बाबा के दर्शन के लिए जाते वक्त आपको एक बात का ध्यान रखना है यह मंदिर सुबह 6:00 बजे खुलता है और रात को 10:00 बजे बंद हो जाता है और इस मंदिर में तीन बार इस ज्योतिर्लिंग की आरती होती है जो कि सुबह 7:00 बजे दोपहर को 12:00 बजे और शाम को 9:00 बजे इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के पश्चात आप लोगों को मंदिर की दीवाल से ही लग कर महारानी अहिल्याबाई बाई द्वारा पुन्हा स्थापित श्री सोमनाथ महादेव मंदिर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करना है जिसकी स्थापना अहिल्याबाई होल्कर ने की थी वहां से 5 किलोमीटर की दूरी पर कुछ मंदिर है उनके भी दर्शन आपको करना है जैसे कि गोलोक धाम तीर्थ शारदा मठ भालका तीर्थ आदि मंदिर और त्रिवेणी संगम यहां पर तीन नदियों का संगम आपको देखने को मिलने वाला है वह तीन नदिया इस प्रकार है हिरण कपिला और सरस्वती का संगम देखने को मिलेगा
इन सभी मंदिरों को घूमने के लिए आप लोगों को वहां से ऑटो सेवा मिल जाएगी जो कि ₹400 चार्ज करते हैं और सीजन देने पर ₹800 भी चार्ज कर सकते हैं इस बात का आपको ध्यान रखना है

इन सभी जगह पर घूमने के बाद आपकी 12 ज्योतिर्लिंगों में से पहला ज्योतिर्लिंग सोमनाथ की यात्रा पूर्ण होगी और हम आशा करते हैं कि आपकी यात्रा सफल हो और हम यह भी आशा करते हैं कि आप लोगों को दी गई जानकारी पसंद आई होगी और आप संतुष्ट होंगे फिर भी अगर कुछ जानकारी रह जाती है तो आप हमें कमेंट कर सकते हैं




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