पैरालाइस का इलाज संभव है संपूर्ण जानकारी

पैरालाइज या फिर( लकवा) का इलाज संभव है
हैंडीकैप
पैरालाइज




क्या आप लोग जानते हैं हमारे भारत देश में और  बल्कि सारी दुनिया में रोजाना हजारों लाखों की संख्या में पैरालाइस अथवा लकवा की बीमारी से हजारों लाखों की संख्या में लोग पीड़ित होते हैं और जिसका मेडिकल साइंस की दुनिया में सही सही इलाज नहीं हो पाता है मगर हम मेडिकल साइंस का विरोध नहीं करते हैं मेडिकल साइंस की मदद से हमारी दुनिया ने बहुत तरक्की की है हम हमारी इस जानकारी के माध्यम से मेडिकल साइंस को गलत ठहराने का हमारा कतई भी प्रयास नहीं है अगर आप लोग अस्पताल और हकीम के चक्कर काटकर थक गए हैं तो आप लोगों को एक बार इस चमत्कारी मंदिर जो कि बुटाटी धाम राजस्थान में स्थित है जहां पर पैरालाइस या लकवा का इलाज मातृ मंदिर के दर्शन और परिक्रमा करने से ही हो जाता है तो ऐसी जगह पर जान  में हमें कोई हर्ज नहीं है मगर यह आपकी आस्था पर आधारित है अगर आपकी ईश्वर में आस्था है तो आप लोग इस जगह पर अवश्य जाएं

चमत्कारी मंदिर जहां होता है पैरालाइस या लकवे का इलाज

बुटाटी धाम मंदिर राजस्थान
बुटाटी धाम मंदिर राजस्थान

क्या आप जानते हैं हमारे भारत देश में एक ऐसा भी मंदिर है जहां पर लकवा या फिर पैरालाइस का मुफ्त में इलाज होता है जहां पर मेडिकल साइंस की मदद से कुछ मरीज लकवा हो या पैलेस की बीमारी से ठीक नहीं हो पाते वह लोग इस जगह पर जाते ही इस मंदिर की चमत्कार से मात्र 7 दिन के अंदर की ठीक हो जाते हैं जो भी मरीज इस मंदिर में स्ट्रेचर के ऊपर या फिर व्हीलचेयर से आता है वह मरीज मात्र 7 दिन के अंदर ही अपने खुद के पैरों पर ही चलते हुए अपने घर वापस चला जाता यह कोई चमत्कार से कम नहीं है यह मंदिर इसीलिए चमत्कारी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है इस मंदिर का नाम बुटाटी धाम मंदिर है

पोलियो के मरीजों का भी होता है यहां इलाज

पोलियो
पोलियो टीकाकरण


और कहा जाता है कि यहां पर जो बच्चे या बड़े लोग पोलियो की बीमारी से पीड़ित है जिन्हें बचपन में पोलियो का टीका नहीं लग पाया और उसके कारण जो भी लोग पीड़ित हैं जो अपने पैरों पर खड़े नहीं हो सकते चल फिर नहीं सकते ऐसे लोगों को भी यहां पर काफी फायदा होता है बल्कि पूरा ही फायदा होता है वह लोग स्ट्रेचर या व्हीलचेयर के माध्यम से यहां तक आते हैं और कुछ दिनों बाद खुद के पैरों पर चलते हुए और हंसते हुए इस मंदिर से आशीर्वाद लेकर वापस अपने घर की ओर कुछ यादों को लेकर चले जाते हैं

कहां है आखिर यह चमत्कारी मंदिर

यह चमत्कारी मंदिर हमारे भारत देश के राजस्थान राज्य के नागौर जिले के अंतर्गत आता है यह मंदिर राजस्थान के नागौर रेलवे स्टेशन से मात्र 40 किलोमीटर की दूरी पर बुटाटी धाम के नाम से प्रसिद्ध है यह मंदिर संत श्री चतुरदास जी महाराज को समर्पित है इस मंदिर के मात्र दर्शन से और इस मंदिर में इस मंदिर की परिक्रमा करने से पैरालाइस अथवा लकवा का मरीज ठीक हो जाता है यह मंदिर में आप लोगों को 7 दिन रुकना अनिवार्य है इस मंदिर में आते ही आप लोगों को आप के मरीज का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है जो कि मंदिर परिसर परिसर में आप लोगों को मिल जाएगा वहां पर जाते ही आप लोगों को आपके पेशेंट की जानकारी और उसके साथ कितने लोग हैं उन सभी की जानकारी देनी अनिवार्य है रजिस्ट्रेशन करते ही आप लोगों को आपका कमरा नंबर और कमरे की चाबी दी जाएगी जोकि मंदिर संस्थान की तरफ से बिल्कुल फ्री है और साथ ही आप लोगों को कंबल जिस तरह वगैरह और कुछ बर्तन दिए जाएंगे और गैस चुला भी दिया जाएगा और साथ ही आप लोगों को ड्राई अन्य सामग्री दी जाएगी जिसे आपको स्वयं ही पका कर 7 दिनों तक गुजारा करना होगा जो कि मंदिर संस्थान की तरफ से निशुल्क है आप लोगों को इस जगह पर आते वक्त 7 दिनों की प्लानिंग कर कर आना हो और लगातार सात दिनों तक आप के पेशेंट को आपको मंदिर के सुबह शाम की आरती में उपस्थित करना होगा और उस मंदिर की परिक्रमा करना होगा मंदिर की परिक्रमा करना होगा मातृ मंदिर की परिक्रमा करने से ही और वहां के भभूति और तेल आप को दिया जाता है उसकी मालिश करने से ही आप लोगों को आश्चर्य होगा कि आपके मरीज में आपको 7 दिन नहीं बल्कि 3 दिन में ही कुछ लोगों को पहले दिन से ही आराम हो जाता है और आप लोगों को बहुत बड़ा बदलाव और चमत्कार देखने को मिलेगा मगर आप लोगों को यहां पर 7 दिनों तक रुकना अनिवार्य है हमारा आपसे निवेदन है कि अगर आप लोग इतने दूर जा रहे हैं तो उनके नियम के हिसाब से 7 दिनों तक वहां पर जरूर रूखे और संत श्री चतुरदास जी महाराज पर आस्था रखें
पर उस संस्थान के नियम का पालन करें आपका पेशेंट अवश्य ही तंदुरुस्त और ठीक हो जाएगा और खुद के पैरों पर चलते हुए घर जाएगा यह कोई चमत्कार से कम नहीं होगा इस चमत्कार का लाभ हमारे देश के और विदेशों से आने वाले कई लोग ले चुके हैं और आप लोगों को विश्वास नहीं होता है तो आप लोग यूट्यूब पर सर्च कर कर देख सकते हैं यह जानकारी सौ परसेंट सत्य है मगर यह आपकी आस्था पर आधारित होगा कि आपकी ईश्वर में कितनी आस्था है वैसे भी हमारी सलाह है कि आप लोग अस्पताल और हकीम ओके चक्कर काटकर थक गए होगे तो फिर ऐसी जगह पर जाने में हरकत ही क्या है लोग तो विदेश से भी यहां तक आ जाते हैं फिर तो यह हमारे देश में ही स्थित है और यहां पर आपसे कोई भी पैसा नहीं लिया जाता यहां पर सब कुछ निशुल्क है अगर आप लोग चाहे तो आपका पेशेंट ठीक होने के पश्चात आपकी इच्छा अनुसार इस मंदिर को कुछ दानिया डोनेट कर सकते हैं जोकि आपकी इच्छा होगी

बुटाटी धाम राजस्थान कैसे जाए

भारतीय रेलवे
रेल सेवा

बुटाटी धाम राजस्थान जाने के लिए आप लोगों को देश के प्रत्येक राज्य से जोधपुर के लिए या फिर नागौर रेलवे स्टेशन के लिए डायरेक्ट ट्रेन सेवा मिल जाएगी और अगर आप लोग देश के बाहर से विदेश से हो तो आप लोगों को जोधपुर के लिए डायरेक्ट फ्लाइट मिल जाएगी जोधपुर से आप बस सेवा ट्रेन सेवा या फिर टैक्सी सेवा के माध्यम से नागौर रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड तक आसानी से आ सकते हैं वहां से बुटाटी धाम की दूरी मात्र 40 किलोमीटर है यह मंदिर बुटाटी धाम या फिर संत श्री चतुरदास जी महाराज के नाम से प्रसिद्ध है नागौर रेलवे स्टेशन से आप लोगों को यह जाने के लिए बस सेवा और ऑटो सेवा भी मिल जाएगी
हमने यह जानकारी इस ब्लॉग पेज के माध्यम से आप लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया है और इस तरह के सभी मरीज जल्दी से जल्दी और आसानी से ठीक हो सके यह आशा करते हैं


आशा करते हैं कि आप लोगों को यह जानकारी पसंद आई होगी अगर आप लोगों को यह जानकारी उचित लगे तो दूसरों की सहायता हेतु इस जानकारी को आगे व्हाट्सएप फेसबुक अन्य जगह पर शेयर जरूर करें और अपने मित्र जनों तक पहुंचाएं और हमारे इस पेज को फॉलो करें अगर आप लोगों के कुछ प्रश्न रह जाते हैं तो आप हमें कमेंट भी कर सकते हैं और मेल भी कर सकते हैं हम आपके प्रत्येक प्रश्न का जवाब देने का प्रयास जरूर करेंगे जय हिंद जय भारत


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