राजस्थान में है चूहों का एकमात्र करणी माता मंदिर

राजस्थान मैं हे चूहों का एकमात्र करनी माता मंदिर


करणी माता मंदिर राजस्थान
करणी माता मंदिर राजस्थान




भारत के राजस्थान में हिंदू धर्म को समर्पित कर्णी माता मंदिर जोकि चूहों का मंदिर के नाम से भी जाना जाता है यह मंदिर राजस्थान के बीकानेर शहर से 30किलोमीटर की दूरी पर स्थित है

राजस्थान भारत का एक महत्वपूर्ण अंग है जहां एक और हवाओं में भारतीय संस्कृति की एक महक है
तो दूसरी ओर धार्मिक आस्था लोगों में एकता बनाए रखती है यही वजह है कि राजस्थान के देशनोक में करनी माता मंदिर आस्था का एक केंद्र बना हुआ है
चलिए जानते हैं इस चूहे वाले करणी माता मंदिर के बारे में संपूर्ण जानकारी

नमस्ते दोस्तों मेरा नाम नीलेश खैरकर जय मल्हार टूर्स एंड मैनेजमेंट के इस ब्लॉग पेज पर मैं आप सभी का स्वागत करता हूं अगर आप लोगों को हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगे तो हमारे इस पेज को शेयर करें और हमारी वेबसाइट को फॉलो करके हमें मोटिवेट करें

राजस्थान के बीकानेर से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह करणी माता मंदिर लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है क्योंकि यह मंदिर राजस्थान के बाकी के मंदिरों से बहुत ही अलग और रहस्यमई है
क्योंकि करणी माता के दर्शन के लिए आए भक्तों को माता के दर्शन के साथ साथ एक ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिलता है जो कि दुनिया में और किसी मंदिर में नहीं मिल सकता है


वह अद्भुत नजारा क्या है चलिए हम आपको बतातेहैं 


करणी माता मंदिर
करणी माता मंदिर




इस मंदिर में आपको हर जगह पर चूहे देखने को मिलते हैं इस मंदिर में इतने चूहे हैं कि आप सही से चल भी नहीं सकते इस मंदिर में चलते वक्त आपको पैर घसीटते हुए चलना पड़ता है कारण यह है कि कोई चूहा आपके पैर के नीचे ना आ जाए कहा जाता है कि यह चूहे करनी माता के वंशज या फिर पुत्र है इन चूहों के देखरेख में मंदिर प्रशासन की ओर से और भक्तों की ओर से कोई कमी नहीं आती है इन चूहों के लिए मंदिर में दो बड़े चांदी के पतीले रखें हुए हैं जिसमें भक्तजन दूध डाल देते हैं और दूसरे पतीले में लड्डू आदि जैसे प्रसाद डाल देते हैं कहा जाता है कि इस मंदिर मैं सभी चूहे काले रंग के होते हैं और कुछ गिने-चुने सफेद रंग के होते हैं अगर किसी वक्त को सफेद रंग का चूहा दिख जाने के पश्चात अगर वह भक्त कोई मनोकामना मांगता है तो उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है

आखिर क्या संबंध है करणी माता का चूहों से चलिए जानते हैं संपूर्ण कथा


कर्णी माता मंदिर
करणी माता मंदिर


करणी माता मंदिर में दर्शन के लिए आए हुए भक्तों के मन में एक प्रश्न तो जरूर उठता है कि आखिर इस मंदिर में इन चूहों की इतनी देखरेख क्यों की जाती है
चलिए जानते हैं विस्तार से इसके बारे में
करणी माता का यह अवतार अश्विनी शुक्ला 7 संवाद
1444 के अनुसार 20 सितंबर 1378 इस मिशन को मेहाजी कीनिया के घर हुआ था कर्णी माता ने बचपन से ही कई चमत्कार किए भक्त और श्रद्धालुओं के मुताबिक माता ने जिस गुफा में भगवान की तपस्या की थी उसी गुफा में माता का शरीर संवत 1595 चैत्र शुक्ल नवमी के गुरुवार को ज्योतिर्लिंन हो गया था तभी से करनी माता की सेवा पूजा चलती आ रही है

कर्णी माता ने बेपा जी के साथ विवाह किया था परंतु उन्होंने ब्रह्म आचार्य का पालन किया इसके कारण वर्ष उन्होंने अपनी छोटी बहन की शादी बेपा जी के साथ कर दी और उन्हें 4 पुत्र हुए पूनम राज, नागराज, संतराज, लक्ष्मण राज जब करणी माता गुफा में ध्यान लग रही थी थी तब बारी बारी से एक एक पुत्र एक  एक महीने के लिए उनकी सेवा में रहता था और आज भी वही परंपरा चालू है उनके वंशज एक एक महीने के लिए इस मंदिर में सेवा देते हैं  

इस मंदिर के चूहों के बारे में विशेषता और तथ्य सामने आता है वह इस प्रकार है कि माता की बहन के चौथे और सबसे छोटे पुत्र जो कि करनी माता को सबसे प्रिय थे उनकी मृत्यु कुएं में गिर जाने से हो गई उसके बाद माता ने अपने तप और यमराज से प्रार्थना करने के पश्चात अपने पुत्र को वापस करने का अनुरोध किया तब यमराज ने उनके पुत्रों को लौटा तो दिया मगर चूहे के रूप में तब से कहा जाता है कि करनी माता के वंशज मरने के बाद चूहे के रूप में पुनः जन्म लेते हैं इसीलिए इन चूहों को करनी माता के वंशज होने के कारण इस मंदिर में जगह मिलती है कहा जाता है कि इस मंदिर में कुल 20000 चूहे हैं

कैसे जाएं करनी माता मंदिर


करणी माता मंदिर भारत देश के राजस्थान राज्य में बीकानेर से 30 किलोमीटर दूर देशनोक ग्राम में स्थित
यह स्थान देश के सभी राजमार्गों से जुड़ा हुआ है

और आप लोग यहां ट्रेन के माध्यम से आना चाहते हैं तो देश के कई राज्यों से बीकानेर के लिए डायरेक्ट ट्रेन चलती है बीकानेर रेलवे स्टेशन पर आने के पश्चात वहां से आपको करनी माता मंदिर जाने के लिए बस प्राइवेट टैक्सी जीप आदि जैसी सुविधाएं बहुत ही आसानी से मिल जाएगी

विदेशी नागरिकों के लिए सूचना


अगर आप विदेशी नागरिक है तो और देश के बाहर से आ रहे हैं तो आपके लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट जोधपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा अगर आपके देश से जोधपुर के लिए डायरेक्ट फ्लाइट मिलती है तो बहुत बढ़िया होगा वरना आपको दिल्ली अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक आना होगा जोधपुर से करणी माता मंदिर की दूरी135 किलोमीटर है और दिल्ली से इसकी दूरी 571 किलोमीटर दूर है

इसके साथ साथ ही आप संपूर्ण राजस्थान में स्थित कई पर्यटन स्थलों को भी बहुत ही आसानी से देख सकते हैं जो कि दुनिया भर में प्रसिद्ध है जैसे कि जोधपुर जयपुर उदयपुर माउंट आबू ख्वाजा मोहिद्दीन चिश्ती दरगाह

इसी तरह की जानकारी प्राप्त करते रहने के लिए बने रहिए हमारे वेबसाइट के साथ तब तक के लिए



जय हिंद जय भारत





टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां