नए नियमों के साथ खुलेगा तिरुपति बालाजी मंदिर

नए नियमों के साथ खुलने वाला है तिरुपति बालाजी मंदिर


तिरुपति बालाजी मंदिर
तिरुपति बालाजी मंदिर


भक्तों का इंतजार हुआ खत्म 20 मार्च से कोरोना वायरस के चलते बंद पड़ा तिरुपति बालाजी मंदिर आखिरकार नए नियम और शर्तों के साथ खुलने वाला है जानिए क्या रहेंगे वह नए नियम

कोरोना वायरस के चलते 20 मार्च से बंद पड़े हुए देश के सभी धार्मिक मंदिर चर्च, गुरुद्वारे ,और मस्जिद ,को आज यानी कि 8 जून से खोलने के केंद्र सरकार की ओर से आदेश दे दिए गए हैं

जिसमें देश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से सबसे प्रचलित दक्षिण भारत का तिरुपति बालाजी मंदिर भी 8 जून से खोलने के आदेश दे दिए गए हैं और तिरुपति बालाजी देवस्थानम संस्थान की ओर से इसे नए नियमों के साथ खोला जाएगा परंतु कुछ नियम और शर्तों के साथ इस बात का सभी भक्तजनों को विशेष ध्यान देना है

दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश राज्य में वेंकटेश्वर तिरुपति बालाजी मंदिर तिरुमाला की पहाड़ियों पर स्थित है यह मंदिर देश के सभी मंदिरों में से सबसे धनी मंदिर माना जाता है परंतु इस मंदिर के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि भक्तों को कोरोनावायरस के  चलते इस मंदिर से दूर रहना पड़ा है पहले इस मंदिर में भक्तों की उपस्थिति 70 से 80 हजार प्रतिदिन रहती थी परंतु कोरोना वायरस के चलते 80 दिनों से यहां पर सन्नाटा छाया हुआ था और कुल 80 दिनों तक यह मंदिर बंद था आज 8 जून से यह मंदिर खोलने का निर्णय लिया गया है इससे पहले यह मंदिर आज से 128 वर्ष पूर्व1892 मैं 2 दिनों के लिए बंद किया गया था परंतु जिस की जानकारी तिरुपति बालाजी मंदिर के रिकॉर्ड में नहीं है

परंतु 8 जून से लेकर के 10 जून तक मंदिर के कर्मचारी और उनके परिवार जनों को ही इस मंदिर में दर्शन की अनुमति होगी क्योंकि  इस मंदिर में कर्मचारियों की संख्या कुल 21000 है यह मंदिर आम इंसान के लिए 11 जून से सार्वजनिक खोल दिया जाएगा

आपको बता दें कि इस मंदिर के कुल 21000 कर्मचारियों में से 13000 कर्मचारियों को छुट्टी दे दी गई थी और उनके पास रोजगार का कोई साधन नहीं था ऐसे में इस मंदिर की खुलने की खबर से उन कर्मचारियों में उत्साह की लहर दौड़ उठी है 
इस मंदिर के बंद होने के पश्चात भी भले ही भक्तजनों पर रोक लगा दी गई हो परंतु मंदिर के स्थाई कुछ पुजारियों द्वारा नित्य नियम से रोजाना भगवान श्री वेंकटेश्वर तिरुपति बालाजी की पूजा अर्चना की जाती रही है

आंध्र प्रदेश की जनता को तिरुपति बालाजी संस्थान ने दिया सहारा


कहां जा रहा है कि तिरुपति बालाजी देवस्थानम संस्थान की ओर से आंध्र प्रदेश के 13 जिलों को तिरुपति बालाजी संस्थान ने एक-एक करोड़ की धनराशि देकर आर्थिक मदद की है
आपको बता दें कि कोरोनावायरस के चलते तिरुपति बालाजी मंदिर बंद होने के बावजूद भी इस मंदिर में भक्तों के लिए बनने वाले भोजन पर पाबंदी नहीं लगाई गई है रोजाना दो शिफ्ट में काम कर कर मंदिर प्रशासन के कर्मचारियों द्वारा सुबह शाम 70000 खाने के पैकेट बनाए जा रहे हैं और गरीबों में सुबह शाम बांटे जा रहे हैं गरीबों के साथ साथ जानवरों को भी भोजन कराया जा रहा है 1 दिन में कुल 140000 पैकेट बांटे जा रहे हैं साधारण दिनों में भी इस मंदिर में रोजाना 70000 लोगों के लिए प्रसाद की व्यवस्था की जाती है पहले यह व्यवस्था 3 मई तक रखी गई थी परंतु बढ़ते लॉक डॉन के कारण अब इसे बढ़ाकर 25 जून तक कर दिया गया है जिससे आंध्र प्रदेश और तिरुपति के सभी लोगों को फायदा हो रहा है और उनकी भोजन की समस्या दूर हुई है



क्या है वह नए नियम जानते हैं विस्तार से

तिरुपति बालाजी मंदिर
तिरुपति बालाजी मंदिर


11 जून से यह मंदिर आम भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे आपको बता दें कि  8 जून से ही  दर्शन के लिए रजिस्ट्रेशन की  साथी  ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की भी शुरुआत  तिरुपति बालाजी संस्थान की ओर से कर दी गई है सुबह 6:30 बजे से शाम के 7:30 बजे तक भक्तों को दर्शन की अनुमति होगी इसमें तिरुपति बालाजी देवस्थानम संस्थान ने स्पष्ट कर दिया है कि
केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार 1 दिन में केवल 6000 लोग हैं भगवान तिरुपति बालाजी के दर्शन कर पाएंगे जिसमें उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का नियम मास लगा रहा थर्मल स्कैनिंग करवाना अनिवार्य होगा जिसमें 1 घंटे में 500 लोगों को भी अनुमति दी जाएगी केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार 10 वर्ष से कम और 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी

तिरुपति बालाजी मंदिर संस्थान की तरफ से मंदिर परिसर में एक स्थाई कैंप होगा जिसमें रोजाना 200 लोगों की टेस्टिंग की जाएगी
VIP दर्शन करने के लिए ₹300 वाली टिकट का रजिस्ट्रेशन 8 जून से ही शुरू कर दिया गया है जिसमें रोजाना 3000 लोगों को ही ₹300 वाले टिकट दी जाएगी 8 जून से ही भक्तजन अपनी इच्छा अनुसार किसी भी तारीख के दिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं

मंदिर में शादी करने वालों को भी 1 दिन में 50 लोगों को ही अनुमति दी जाएगी मंदिर प्रशासन की ओर से निर्मित धर्मशाला में यात्रियों को 24 घंटे के लिए ही रूम दी जाएगी और 24 घंटे के बाद श्रद्धालुओं को इसे खाली करना होगा उसके पश्चात यह रूम 12 घंटे तक किसी को नहीं दी जाएगी इन 12 घंटों के दौरान मंदिर प्रशासन इन मंदिरों की सैनिटाइजिंग करेगा और वैसे भी हर दो 2 घंटे में प्रतीक रूम की सैनिटाइजिंग की जाएगी और प्रत्येक आने वाले भक्तों को फ्री सैनिटाइजर बांटा जाएगा

तिरुपति बालाजी कैसे जाए इसके बारे में अगर आप जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे वेबसाइट पर इसके बारे में पहले से ही एक आर्टिकल लिखा हुआ है आप चाहे तो जाकर उसे भी पढ़ सकते हैं

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