दुनिया का सबसे रहस्यमई शिव मंदिर

दुनिया का सबसे रहस्यमई शिव मंदिर


एलोरा का कैलाश टेंपल
एलोरा का कैलाश मंदिर


दुनिया भर में भगवान शिव के कई मंदिर पाए जाते हैं और इन सभी मंदिरों का अपना अपना अलग-अलग महत्व और रहस्य सुनने में आता है

इन सभी मंदिरों में से एक मंदिर ऐसा भी है जिसकी आज हम बात करने जा रहे हैं जिसका नाम है एलोरा काकैलाश  मंदिर जो कि महाराष्ट्र राज्य के औरंगाबाद जिले में स्थित है

कई शोध संस्थानों द्वारा कहा जाता आया है कि इस मंदिर का निर्माण मनुष्य ने नहीं बल्कि एलियंस ने या फिर दिव्य शास्त्र द्वारा किया गया है इस रहस्य को जानने का हम आज प्रयास करेंगे इन सभी बातों में कितनी सच्चाई है  यह आज तक दुनिया के लिए एक रहस्य बना हुआ है

मंदिर का रहस्य


एलोरा का कैलाश मंदिर


कहां जाता है कि इस मंदिर के निर्माण के लिए किसी भी ईट का उपयोग नहीं किया गया है इस मंदिर का निर्माण एक बड़े पत्थर के पहाड़ को काटकर किया गया है और इसे ऊपर से नीचे की ओर काटकर मंदिर का आकार दिया गया है यह मंदिर जितना ऊपर है उतना ही नीचे स्थित है इस मंदिर के नीचे कई गुफाएं स्थित है जो कि दुनिया भर के सभी साइंटिस्ट ओके समझ से बाहर है

कहा जाता है कि इस मंदिर के निर्माण के लिए कुल 18 वर्ष का समय लगा था परंतु दुनिया भर के वैज्ञानिक इस तथ्य को सही नहीं मानते हैं उनके मुताबिक इस मंदिर के निर्माण को पूरा करने के लिए कम से कम 400000 टन पत्थर को काटकर बाहर निकाला गया होगा तभी इस तरह का मंदिर का निर्माण हो सकता है परंतु ऐसा करना आज के मॉडर्न साइंस के हिसाब से भी मुश्किल लगता है क्योंकि आज के मॉडल साइंस में अत्याधुनिक मशीनों का उपयोग किया जाता है उस वक्त यह सभी मशीनें उपलब्ध नहीं थी फिर भी इस मंदिर का निर्माण कैसे हुआ आज भी यह वैज्ञानिकों के लिए एक रहस्य बना हुआ है

दुनिया भर के वैज्ञानिकों के मुताबिक अगर 7000 मजदूर रात दिन 150 वर्षों तक काम करे तो इस मंदिर का निर्माण हो सकता है परंतु ऐसा नामुमकिन है

वैज्ञानिकों के मुताबिक इस मंदिर का निर्माण परग्रही यानी कि एलियंस द्वारा किया गया होगा ऐसा माना जाता है क्योंकि ऐसी टेक्नोलॉजी उनके पास हो सकती है  उन्होंने कुछ घंटों में ही लेजर जैसी टेक्नोलॉजी से पत्थर को काटकर इस मंदिर का निर्माण किया होगा ऐसी आशंका वैज्ञानिक जताते हैं

भारतीय इतिहास


भारतीय इतिहास के मुताबिक एक ऐसी भी कहानी निकल कर बाहर आती है जो कि इस प्रकार है
कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण राष्ट्रकूट वंश के राजा कृष्ण प्रथम ने किया था इस मंदिर का निर्माण 756 ईसवी सन में करवाया था

कहा जाता है कि राजा कृष्ण प्रथम किसी बीमारी से पीड़ित थे तब उनकी महारानी ने भगवान शिव से प्रार्थना की कि अगर महाराज ठीक हो जाए तो वह इस जगह पर भगवान शिव का एक भव्य मंदिर बनाएगी और उस मंदिर का शीश निर्माण तक व्रत करेंगी राजा की तबीयत तो ठीक हो गई जब इस मंदिर का निर्माण करने का वक्त आया तो महारानी को किसने बताया कि इस तरह के मंदिर बनाने में काफी वक्त लग सकता है और इतने वर्षों तक उपवास करना संभव नहीं तब महारानी ने भगवान शिव की मदद ली और भगवान शिव ने उन्हें एक अस्त्र भेंट किया जिसका नाम भूमि अस्त्र था जो पत्थर को भी भाप बना सकता था इसीलिए ऐसी आशंका जताई जाती है कि इस मंदिर का निर्माण भूमि नामक इसी अस्त्र से हुआ होगा कहा जाता है कि उस भूमि अस्त्र को इसी मंदिर के नीचे गुफाओं का एक जाल स्थित है वहीं पर इस अस्त्र को रखा गया हो और उसके साथ-साथ उस समय के कई अत्याधुनिक वास्तु शास्त्र और हथियार भी होने की संभावना जताई जाती आई है

दुनिया भर के वैज्ञानिक आज तक इस मंदिर के रहस्य से पर्दा उठाने में नाकाम रहे हैं कहा जाता है कि जब अंग्रेजों ने भारत पर कब्जा किया उस वक्त उन्होंने सर्वप्रथम भारत के सभी ऐतिहासिक धरोहरों पर कब्जा कर लिया और इस मंदिर के गुफाओं में कई वर्षों तक रिसर्च कार्य किया उन्हें इन गुफाओं के काफी नीचे से रेडियो एक्टिविटी तरंगों की जानकारी प्राप्त हुई जो कि बहुत नीचे से आ रही थी जहां तक मनुष्य का पहुंचना नामुमकिन था इसके बाद अंग्रेजों ने अपनी रिसर्च बंद कर दी अंग्रेजों के मुताबिक यह गुफाएं बहुत ही पतली है और उसके आगे बढ़ी गुफाएं भी है और हो सकता है उसके आगे एक पूरा शहर बसा हुआ हो जहां पर उस वक्त के अत्याधुनिक हथियार और कई सामग्री स्थित हो तभी से यह गुफाएं हमेशा के लिए बंद कर दी गई इसीलिए इस मंदिर का रहस्य आज भी इन गुफाओं में दफन है

कैसे जाए एलोरा के कैलाश मंदिर


एलोरा का कैलाश मंदिर भारत में महाराष्ट्र राज्य के अंतर्गत औरंगाबाद जिले में स्थित है जो कि औरंगाबाद से कुल 30 किलोमीटर की दूरी पर खुल्दाबाद के नजदीक स्थित है यहां पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन औरंगाबाद जंक्शन है
औरंगाबाद रेलवे स्टेशन से एलोरा कैलाश मंदिर जाने के लिए प्राइवेट बस कार टैक्सी ऑटो आदि सेवाएं बहुत ही आसानी से मिल जाती है अगर आप लोग वहां पर कुछ दिन रहना चाहे तो औरंगाबाद शहर में बड़ी ही आसानी से आपको आपके बजट अनुसार हाटेल लाज जैसी सुविधाएं बड़ी आसानी से मिल जाती है

अगर आप विदेशी नागरिक है तो
अगर आप विदेशी नागरिक है तो आपके लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट औरंगाबाद हो सकता है अगर औरंगाबाद तक आपके देश या आपके शहर से कोई फ्लाइट नहीं मिलती है तो उसके बाद का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट आपको पुणे एयरपोर्ट होगा पुणे एयरपोर्ट हमारे देश का एक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है जहां पर देश-विदेश से सीधे डायरेक्ट फ्लाइट आती है औरंगाबाद से पुणे की दूरी कुल 230 किलोमीटर है जो कि 2 घंटे 45 मिनट में तय की जा सकती है और औरंगाबाद से कैलाश मंदिर की दूरी 30 किलोमीटर है जो कि 45 मिनट में तय की जा सकती है

आशा करते हैं दी गई जानकारी आपको पसंद आई होगी

जय हिंद जय भारत

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